Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.12.23-24: युद्ध के विशेष कार्यों में निपुण वे दोनों वीर योद्धा युद्धभूमि में डटे हुए थे। वे क्रोध में एक-दूसरे पर गदाओं से प्रहार करने लगे और बुरी तरह घायल होकर दो इन्द्रध्वजों के समान एक साथ भूमि पर गिर पड़े। उस समय दोनों सेनाओं के वीर योद्धा हाहाकार करने लगे। | mahabharat अध्याय 9.12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युद्ध के विशेष कार्यों में निपुण वे दोनों वीर योद्धा युद्धभूमि में डटे हुए थे। वे क्रोध में एक-दूसरे पर गदाओं से प्रहार करने लगे और बुरी तरह घायल होकर दो इन्द्रध्वजों के समान एक साथ भूमि पर गिर पड़े। उस समय दोनों सेनाओं के वीर योद्धा हाहाकार करने लगे।
Both those brave warriors, who were experts in the special tasks of war, were standing firm on the battlefield. They attacked each other with maces in anger and got badly injured and fell on the ground together like two Indra flags. At that time the brave warriors of both the armies started wailing.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥