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mahabharat 9.12.21: युद्ध कला में निपुण वे दोनों वीर एक दूसरे को रौंदते हुए तथा अपने विशेष कौशल का प्रदर्शन करते हुए गोल-गोल घूमते रहे।   |   mahabharat अध्याय 9.12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  9.12.21 
पोथयन्तौ तदान्योन्यं मण्डलानि विचेरतु:।
क्रियाविशेषं कृतिनौ दर्शयामासतुस्तदा॥ २१॥
 
 
अनुवाद
युद्ध कला में निपुण वे दोनों वीर एक दूसरे को रौंदते हुए तथा अपने विशेष कौशल का प्रदर्शन करते हुए गोल-गोल घूमते रहे।
 
Both those heroes, learned in the art of war, moved in circles, trampling each other and demonstrating their special skills.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)