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mahabharat 9.12.20: लड़ते-लड़ते वे आठ कदम आगे बढ़े और लोहे की छड़ें उठाकर एक-दूसरे पर वार करने लगे। उनका पराक्रम अद्भुत था। उस समय उनके बीच भयंकर युद्ध छिड़ गया।   |   mahabharat अध्याय 9.12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  9.12.20 
अथाभ्येत्य पदान्यष्टौ संनिपातोऽभवत् तयो:।
उद्यम्य लोहदण्डाभ्यामतिमानुषकर्मणो:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
लड़ते-लड़ते वे आठ कदम आगे बढ़े और लोहे की छड़ें उठाकर एक-दूसरे पर वार करने लगे। उनका पराक्रम अद्भुत था। उस समय उनके बीच भयंकर युद्ध छिड़ गया।
 
While fighting, they advanced eight steps forward and picked up iron rods and started hitting each other. Their valour was extraordinary. A terrible fight broke out between them at that time.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)