Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.12.19: महाबली भीमसेन और शल्य दोनों वीर अपनी विशाल गदाएँ ऊँची उठाकर कभी पीछे लौट जाते, कभी मध्य मार्ग में रुक जाते और कभी चक्कर लगाते॥19॥   |   mahabharat अध्याय 9.12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  9.12.19 
निवृत्य तु महावीर्यौ समुच्छ्रितमहागदौ।
पुनरन्तरमार्गस्थौ मण्डलानि विचेरतु:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
महाबली भीमसेन और शल्य दोनों वीर अपनी विशाल गदाएँ ऊँची उठाकर कभी पीछे लौट जाते, कभी मध्य मार्ग में रुक जाते और कभी चक्कर लगाते॥19॥
 
The mighty Bhimasena and Shalya, both heroes, raising their huge maces high, would sometimes turn back, sometimes stay in the middle path and sometimes move in circles.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)