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श्री महाभारत
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पर्व 9: शल्य पर्व
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अध्याय 12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध
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श्लोक 18
श्लोक
9.12.18
शुश्रुवे दिक्षु सर्वासु तयो: पुरुषसिंहयो:।
गदानिपातसंह्रादो वज्रयोरिव नि:स्वन:॥ १८॥
अनुवाद
उस समय उन दोनों सिंहपुरुषों की गदाओं की टकराहट की ध्वनि दो वज्रों के प्रहार के समान सब ओर सुनाई देने लगी।
At that time the sound of the clash of the maces of those two lion-men could be heard in all directions like the strike of two thunderbolts. 18.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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