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mahabharat 9.12.13: इसी प्रकार भीमसेन की गदा की चोट खाकर शल्य की गदा भी अंगारे बरसाने लगी। वह अद्भुत दृश्य था॥13॥   |   mahabharat अध्याय 9.12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  9.12.13 
तथा भीमेन शल्यस्य ताडिता गदया गदा।
अङ्गारवर्षं मुमुचे तदद्भुतमिवाभवत्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार भीमसेन की गदा की चोट खाकर शल्य की गदा भी अंगारे बरसाने लगी। वह अद्भुत दृश्य था॥13॥
 
In the same way, after being hit by Bhimasena's mace, Shalya's mace also started showering embers. It was an amazing sight.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)