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श्री महाभारत
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पर्व 9: शल्य पर्व
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अध्याय 12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध
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श्लोक 1
श्लोक
9.12.1
संजय उवाच
पतितं प्रेक्ष्य यन्तारं शल्य: सर्वायसीं गदाम्।
आदाय तरसा राजंस्तस्थौ गिरिरिवाचल:॥ १॥
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! अपने सारथि को गिरा हुआ देखकर राजा मद्र हाथ में लोहे की गदा लिए पर्वत के समान स्थिर होकर शीघ्रता से खड़े हो गए।
Sanjaya says - O King! Seeing his charioteer fallen, King Madra stood swiftly with his iron mace in his hand as still as a mountain.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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