Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.11.62-63h: यह देखकर कि उसके आक्रमण का प्रत्युत्तर पूर्ण प्रहार से दिया गया है, धर्मात्मा शल्य चकित हो गये और उन्होंने गदा हाथ में ले ली तथा अपने शत्रु की ओर देखने लगे।   |   mahabharat अध्याय 9.11: शल्यका पराक्रम, कौरव-पाण्डवयोद्धाओंके द्वन्द्वयुद्ध तथा भीमसेनके द्वारा शल्यकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 11: शल्यका पराक्रम, कौरव-पाण्डवयोद्धाओंके द्वन्द्वयुद्ध तथा भीमसेनके द्वारा शल्यकी पराजय  »  श्लोक 62-63h
 
 
श्लोक  9.11.62-63h 
कृतप्रतिकृतं दृष्ट्वा शल्यो विस्मितमानस:॥ ६२॥
गदामाश्रित्य धर्मात्मा प्रत्यमित्रमवैक्षत।
 
 
अनुवाद
यह देखकर कि उसके आक्रमण का प्रत्युत्तर पूर्ण प्रहार से दिया गया है, धर्मात्मा शल्य चकित हो गये और उन्होंने गदा हाथ में ले ली तथा अपने शत्रु की ओर देखने लगे।
 
Seeing that his attack was answered with a full blow, the virtuous Shalya was astonished. He took the mace in his hand and started looking at his enemy. 62 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)