Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.11.56-57h: और जिससे कुन्तीपुत्र पराक्रमी भीम ने क्रोध में भरकर बहुतों के मना करने पर भी द्रौपदी को प्रसन्न करने का निश्चय करके गर्जना करके कुबेर के महल में रहने वाले बहुत से मायावी और अभिमानी गुह्यकों को मार डाला। | mahabharat अध्याय 9.11: शल्यका पराक्रम, कौरव-पाण्डवयोद्धाओंके द्वन्द्वयुद्ध तथा भीमसेनके द्वारा शल्यकी पराजय । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
और जिससे कुन्तीपुत्र पराक्रमी भीम ने क्रोध में भरकर बहुतों के मना करने पर भी द्रौपदी को प्रसन्न करने का निश्चय करके गर्जना करके कुबेर के महल में रहने वाले बहुत से मायावी और अभिमानी गुह्यकों को मार डाला।
And with which the mighty Bhima, son of Kunti, filled with anger, determined to please Draupadi despite the refusal of many, roared and killed many illusory and arrogant Guhyakas living in Kubera's palace. 56 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥