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mahabharat 9.11.40: हे प्रजानाथ! इस प्रकार आपके सैनिकों और शत्रुओं के बीच जहाँ-तहाँ सैकड़ों भयंकर और विचित्र द्वन्द्वयुद्ध होने लगे ॥40॥   |   mahabharat अध्याय 9.11: शल्यका पराक्रम, कौरव-पाण्डवयोद्धाओंके द्वन्द्वयुद्ध तथा भीमसेनके द्वारा शल्यकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.11.40 
एवं द्वन्द्वशतान्यासंस्त्वदीयानां परै: सह।
घोररूपाणि चित्राणि तत्र तत्र विशाम्पते॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
हे प्रजानाथ! इस प्रकार आपके सैनिकों और शत्रुओं के बीच जहाँ-तहाँ सैकड़ों भयंकर और विचित्र द्वन्द्वयुद्ध होने लगे ॥40॥
 
O Prajanath! In this way, hundreds of terrible and strange duels began to take place between your soldiers and the enemies here and there. ॥ 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)