Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.11.38: तदनन्तर कृपाचार्य ने क्रुद्ध होकर अपने बाणों की वर्षा से धृष्टद्युम्न को घायल कर दिया। शकुनि ने द्रौपदी के पुत्रों पर तथा अश्वत्थामा ने नकुल तथा सहदेव पर आक्रमण किया। 38॥ | mahabharat अध्याय 9.11: शल्यका पराक्रम, कौरव-पाण्डवयोद्धाओंके द्वन्द्वयुद्ध तथा भीमसेनके द्वारा शल्यकी पराजय । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धृष्टद्युम्नं कृप: क्रुद्धो बाणवर्षैरपीडयत्।
द्रौपदेयांश्च शकुनिर्यमौ च द्रौणिरभ्ययात्॥ ३८॥
अनुवाद
तदनन्तर कृपाचार्य ने क्रुद्ध होकर अपने बाणों की वर्षा से धृष्टद्युम्न को घायल कर दिया। शकुनि ने द्रौपदी के पुत्रों पर तथा अश्वत्थामा ने नकुल तथा सहदेव पर आक्रमण किया। 38॥
Thereafter, Kripacharya, enraged, afflicted Dhrishtadyumna with his rain of arrows. Shakuni attacked Draupadi's sons and Ashwatthama attacked Nakul and Sahadev. 38॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥