Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.11.18: शस्त्रों की नोक से ज्वालाएँ निकलतीं और भूमि पर गिरकर नेत्रों को चौंधिया देतीं। कौए और उल्लू प्रायः योद्धाओं के सिरों और ध्वजाओं में छिप जाते थे॥18॥ | mahabharat अध्याय 9.11: शल्यका पराक्रम, कौरव-पाण्डवयोद्धाओंके द्वन्द्वयुद्ध तथा भीमसेनके द्वारा शल्यकी पराजय । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शस्त्रों की नोक से ज्वालाएँ निकलतीं और भूमि पर गिरकर नेत्रों को चौंधिया देतीं। कौए और उल्लू प्रायः योद्धाओं के सिरों और ध्वजाओं में छिप जाते थे॥18॥
Flames would appear from the tip of the weapons and fall to the ground, dazzling the eyes. Crows and owls would frequently hide in the heads and flags of the warriors.॥18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥