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mahabharat 9.11.16: हे प्रजानाथ! हे मनुष्यों के स्वामी! उस समय मृग, भैंसे और पक्षी बार-बार आपकी सेना को लांघने लगे।   |   mahabharat अध्याय 9.11: शल्यका पराक्रम, कौरव-पाण्डवयोद्धाओंके द्वन्द्वयुद्ध तथा भीमसेनके द्वारा शल्यकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.11.16 
मृगाश्च महिषाश्चापि पक्षिणश्च विशाम्पते।
अपसव्यं तदा चक्रु: सेनां ते बहुशो नृप॥ १६॥
 
 
अनुवाद
हे प्रजानाथ! हे मनुष्यों के स्वामी! उस समय मृग, भैंसे और पक्षी बार-बार आपकी सेना को लांघने लगे।
 
O Prajanath! O Lord of men! At that time the deer, buffaloes and birds repeatedly started bypassing your army. 16.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)