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mahabharat 9.11.13: तत्पश्चात्, युधिष्ठिर की आँखों के सामने ही महाबली मद्रराज ने सैकड़ों तीखे बाणों से उनकी सेना को पीड़ा पहुँचानी आरम्भ कर दी।   |   mahabharat अध्याय 9.11: शल्यका पराक्रम, कौरव-पाण्डवयोद्धाओंके द्वन्द्वयुद्ध तथा भीमसेनके द्वारा शल्यकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.11.13 
तत: शरशतैस्तीक्ष्णैर्मद्रराजो महारथ:।
अर्दयामास तां सेनां धर्मराजस्य पश्यत:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात्, युधिष्ठिर की आँखों के सामने ही महाबली मद्रराज ने सैकड़ों तीखे बाणों से उनकी सेना को पीड़ा पहुँचानी आरम्भ कर दी।
 
Then, in front of Yudhishthira's eyes, the mighty warrior King of Madras began tormenting his army with hundreds of sharp arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)