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mahabharat 9.11.10: कौरव सेना को कीचड़ में फंसी हुई दुर्बल गायों के समान तड़पते देख, उन्हें बचाने की इच्छा से राजा शल्य ने उस समय पाण्डवों पर आक्रमण कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 9.11: शल्यका पराक्रम, कौरव-पाण्डवयोद्धाओंके द्वन्द्वयुद्ध तथा भीमसेनके द्वारा शल्यकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.11.10 
तां दृष्ट्वा सीदतीं सेनां पङ्के गामिव दुर्बलाम्।
उज्जिहीर्षुस्तदा शल्य: प्रायात् पाण्डुसुतान् प्रति॥ १०॥
 
 
अनुवाद
कौरव सेना को कीचड़ में फंसी हुई दुर्बल गायों के समान तड़पते देख, उन्हें बचाने की इच्छा से राजा शल्य ने उस समय पाण्डवों पर आक्रमण कर दिया।
 
Seeing the Kaurava army suffering like weak cows stuck in mud, King Shalya, desiring to rescue them, attacked the Pandavas at that time.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)