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mahabharat 9.10.9-10: उस समय वीर नकुल ने कर्णपुत्र चित्रसेन पर आक्रमण किया। वे दोनों वीर विचित्र धनुष धारण किये हुए एक दूसरे से भिड़ गये और एक दूसरे पर बाणों के रूप में जल की वर्षा करने लगे, मानो उत्तर और दक्षिण दिशा से आने वाले दो बड़े-बड़े वर्षा करने वाले बादल हों।   |   mahabharat अध्याय 9.10: नकुलद्वारा कर्णके तीन पुत्रोंका वध तथा उभयपक्षकी सेनाओंका भयानक युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 10: नकुलद्वारा कर्णके तीन पुत्रोंका वध तथा उभयपक्षकी सेनाओंका भयानक युद्ध  »  श्लोक 9-10
 
 
श्लोक  9.10.9-10 
समार्च्छच्चित्रसेनं तु नकुलो युद्धदुर्मद:।
तौ परस्परमासाद्य चित्रकार्मुकधारिणौ॥ ९॥
मेघाविव यथोद्‍वृत्तौ दक्षिणोत्तरवर्षिणौ।
शरतोयै: सिषिचतुस्तौ परस्परमाहवे॥ १०॥
 
 
अनुवाद
उस समय वीर नकुल ने कर्णपुत्र चित्रसेन पर आक्रमण किया। वे दोनों वीर विचित्र धनुष धारण किये हुए एक दूसरे से भिड़ गये और एक दूसरे पर बाणों के रूप में जल की वर्षा करने लगे, मानो उत्तर और दक्षिण दिशा से आने वाले दो बड़े-बड़े वर्षा करने वाले बादल हों।
 
At this time the valiant Nakula attacked Chitrasena, son of Karna. Both those heroes wielding strange bows clashed with each other and started showering water in the form of arrows on each other like two big rain-bearing clouds coming from the north and south.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)