Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.10.57: वहाँ से सात्यकि, भीमसेन और मद्रिकाकुमार पाण्डुनन्दन, नकुल-सहदेव शत्रु और युधिष्ठिर को लज्जित करने वाले आगे आये। 57॥   |   mahabharat अध्याय 9.10: नकुलद्वारा कर्णके तीन पुत्रोंका वध तथा उभयपक्षकी सेनाओंका भयानक युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 10: नकुलद्वारा कर्णके तीन पुत्रोंका वध तथा उभयपक्षकी सेनाओंका भयानक युद्ध  »  श्लोक 57
 
 
श्लोक  9.10.57 
सात्यकिर्भीमसेनश्च माद्रीपुत्रौ च पाण्डवौ।
युधिष्ठिरं पुरस्कृत्य ह्रीनिषेवमरिंदमम्॥ ५७॥
 
 
अनुवाद
वहाँ से सात्यकि, भीमसेन और मद्रिकाकुमार पाण्डुनन्दन, नकुल-सहदेव शत्रु और युधिष्ठिर को लज्जित करने वाले आगे आये। 57॥
 
From there, Satyaki, Bhimsen and Madrika Kumar Pandunandan, Nakul-Sahadeva came ahead of the enemy and shameful Yudhishthir. 57॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)