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mahabharat 9.10.5: उसी समय पांडवों की विशाल सेना भी अचानक वहाँ आ पहुँची। किन्तु जिस प्रकार तट उफनते हुए समुद्र को रोक देता है, उसी प्रकार राजा शल्य ने अकेले ही उस सेना को युद्धभूमि में आगे बढ़ने से रोक दिया।   |   mahabharat अध्याय 9.10: नकुलद्वारा कर्णके तीन पुत्रोंका वध तथा उभयपक्षकी सेनाओंका भयानक युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 10: नकुलद्वारा कर्णके तीन पुत्रोंका वध तथा उभयपक्षकी सेनाओंका भयानक युद्ध  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  9.10.5 
प्रापतत् तच्च सहसा पाण्डवानां महद् बलम्।
दधारैको रणे शल्यो वेलोद्‍वृत्तमिवार्णवम्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
उसी समय पांडवों की विशाल सेना भी अचानक वहाँ आ पहुँची। किन्तु जिस प्रकार तट उफनते हुए समुद्र को रोक देता है, उसी प्रकार राजा शल्य ने अकेले ही उस सेना को युद्धभूमि में आगे बढ़ने से रोक दिया।
 
At the same time, the huge army of the Pandavas also suddenly arrived there. But just as the shore stops the surging sea, in the same way King Shalya alone stopped that army from advancing on the battlefield. 5.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)