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mahabharat 9.10.47: उस समय सुषेण ने क्रोध में आकर पाण्डुपुत्र नकुल को तीन बाणों से घायल कर दिया तथा सोम की भुजाओं और छाती में बीस बाण मारे।   |   mahabharat अध्याय 9.10: नकुलद्वारा कर्णके तीन पुत्रोंका वध तथा उभयपक्षकी सेनाओंका भयानक युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.10.47 
सुषेणस्तु तत: क्रुद्ध: पाण्डवं विशिखैस्त्रिभि:।
सुतसोमं तु विंशत्या बाह्वोरुरसि चार्पयत्॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
उस समय सुषेण ने क्रोध में आकर पाण्डुपुत्र नकुल को तीन बाणों से घायल कर दिया तथा सोम की भुजाओं और छाती में बीस बाण मारे।
 
At that time Sushen, in a fit of rage, pierced Pandu's son Nakula with three arrows and shot twenty arrows into son Soma's arms and chest.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)