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mahabharat 9.10.43-44h: महारथी नकुल को रथविहीन देखकर द्रौपदी का पुत्र सुतसोम अपने चाचा की रक्षा के लिए वहाँ दौड़ा।   |   mahabharat अध्याय 9.10: नकुलद्वारा कर्णके तीन पुत्रोंका वध तथा उभयपक्षकी सेनाओंका भयानक युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 10: नकुलद्वारा कर्णके तीन पुत्रोंका वध तथा उभयपक्षकी सेनाओंका भयानक युद्ध  »  श्लोक 43-44h
 
 
श्लोक  9.10.43-44h 
नकुलं विरथं दृष्ट्वा द्रौपदेयो महारथम्॥ ४३॥
सुतसोमोऽभिदुद्राव परीप्सन् पितरं रणे।
 
 
अनुवाद
महारथी नकुल को रथविहीन देखकर द्रौपदी का पुत्र सुतसोम अपने चाचा की रक्षा के लिए वहाँ दौड़ा।
 
Seeing the mighty car-warrior Nakula without a chariot, Draupadi's son Sutasoma ran there to protect his uncle.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)