Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.10.41-42h: अपने भाई को मारा गया देखकर सुषेण क्रोधित हो उठा और उसने तुरन्त ही पैदल चल रहे पाण्डवपुत्र नकुल पर बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी। उसका भाला कट जाने के कारण वह अत्यन्त क्रोधित हो उठा।   |   mahabharat अध्याय 9.10: नकुलद्वारा कर्णके तीन पुत्रोंका वध तथा उभयपक्षकी सेनाओंका भयानक युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 10: नकुलद्वारा कर्णके तीन पुत्रोंका वध तथा उभयपक्षकी सेनाओंका भयानक युद्ध  »  श्लोक 41-42h
 
 
श्लोक  9.10.41-42h 
भ्रातरं निहतं दृष्ट्वा सुषेण: क्रोधमूर्च्छित:॥ ४१॥
अभ्यवर्षच्छरैस्तूर्णं पादातं पाण्डुनन्दनम्।
 
 
अनुवाद
अपने भाई को मारा गया देखकर सुषेण क्रोधित हो उठा और उसने तुरन्त ही पैदल चल रहे पाण्डवपुत्र नकुल पर बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी। उसका भाला कट जाने के कारण वह अत्यन्त क्रोधित हो उठा।
 
Seeing his brother killed, Sushen became furious and immediately started showering arrows on Nakul, the son of Pandava, who was on foot after his spear was cut off. 41 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)