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mahabharat 9.10.36-37h: राजा! तब दोनों भाइयों ने अलग-अलग अनेक बाणों से नकुल को घायल कर दिया तथा उसके सारथि को भी तीखे बाणों से घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 9.10: नकुलद्वारा कर्णके तीन पुत्रोंका वध तथा उभयपक्षकी सेनाओंका भयानक युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 10: नकुलद्वारा कर्णके तीन पुत्रोंका वध तथा उभयपक्षकी सेनाओंका भयानक युद्ध  »  श्लोक 36-37h
 
 
श्लोक  9.10.36-37h 
तावेनं प्रत्यविध्येतां पृथक् पृथगजिह्मगै:॥ ३६॥
सारथिं चास्य राजेन्द्र शितैर्विव्यधतु: शरै:।
 
 
अनुवाद
राजा! तब दोनों भाइयों ने अलग-अलग अनेक बाणों से नकुल को घायल कर दिया तथा उसके सारथि को भी तीखे बाणों से घायल कर दिया।
 
King! Then both the brothers separately pierced Nakul with many arrows and also wounded his charioteer with sharp arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)