Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.10.31-32h: इससे सुषेण को बड़ा क्रोध आया और उस महारथी ने हँसते हुए युद्धभूमि में पाण्डुपुत्र नकुल के विशाल धनुष को छुरे से काट डाला।   |   mahabharat अध्याय 9.10: नकुलद्वारा कर्णके तीन पुत्रोंका वध तथा उभयपक्षकी सेनाओंका भयानक युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 10: नकुलद्वारा कर्णके तीन पुत्रोंका वध तथा उभयपक्षकी सेनाओंका भयानक युद्ध  »  श्लोक 31-32h
 
 
श्लोक  9.10.31-32h 
सुषेणस्तु तत: क्रुद्ध: पाण्डवस्य महद् धनु:॥ ३१॥
चिच्छेद प्रहसन् युद्धे क्षुरप्रेण महारथ:।
 
 
अनुवाद
इससे सुषेण को बड़ा क्रोध आया और उस महारथी ने हँसते हुए युद्धभूमि में पाण्डुपुत्र नकुल के विशाल धनुष को छुरे से काट डाला।
 
This made Sushen very angry. Laughingly that great warrior cut off the huge bow of Pandu's son Nakula with a razor on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)