Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.10.29-30h: इसके बाद सत्यसेन और सुषेण दूसरे रथ पर सवार होकर और हाथ में दूसरा धनुष लेकर दोनों ने पाण्डुकुमार नकुल पर आक्रमण किया।   |   mahabharat अध्याय 9.10: नकुलद्वारा कर्णके तीन पुत्रोंका वध तथा उभयपक्षकी सेनाओंका भयानक युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 10: नकुलद्वारा कर्णके तीन पुत्रोंका वध तथा उभयपक्षकी सेनाओंका भयानक युद्ध  »  श्लोक 29-30h
 
 
श्लोक  9.10.29-30h 
अथान्यं रथमास्थाय धनुरादाय चापरम्॥ २९॥
सत्यसेन: सुषेणश्च पाण्डवं पर्यधावताम्।
 
 
अनुवाद
इसके बाद सत्यसेन और सुषेण दूसरे रथ पर सवार होकर और हाथ में दूसरा धनुष लेकर दोनों ने पाण्डुकुमार नकुल पर आक्रमण किया।
 
After this, Satyasena and Sushen, riding on another chariot and taking up another bow in their hands, both attacked Pandukumar Nakul.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)