Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.10.23-24: राजन ! जैसे विशाल वन में दो व्याघ्र हाथी को मारने की इच्छा से उसकी ओर दौड़ते हैं, उसी प्रकार वे दोनों तीक्ष्ण स्वभाव वाले भाई महारथी नकुल पर बाणों की वर्षा करने लगे, मानो दो बादल मूसलाधार वर्षा कर रहे हों॥ 23-24॥ | mahabharat अध्याय 9.10: नकुलद्वारा कर्णके तीन पुत्रोंका वध तथा उभयपक्षकी सेनाओंका भयानक युद्ध । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन ! जैसे विशाल वन में दो व्याघ्र हाथी को मारने की इच्छा से उसकी ओर दौड़ते हैं, उसी प्रकार वे दोनों तीक्ष्ण स्वभाव वाले भाई महारथी नकुल पर बाणों की वर्षा करने लगे, मानो दो बादल मूसलाधार वर्षा कर रहे हों॥ 23-24॥
King! Just as two tigers in a vast forest rush towards an elephant with the desire to kill it, similarly those two brothers with sharp tempers showered their arrows on the mighty warrior Nakula, as if two clouds were pouring down rain in torrents.॥ 23-24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥