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mahabharat 9.10.14-15h: अपने तीखे बाणों से उसने नकुल के घोड़ों को मार डाला और तीन-तीन बाणों से उसके ध्वज और सारथि को काट डाला।   |   mahabharat अध्याय 9.10: नकुलद्वारा कर्णके तीन पुत्रोंका वध तथा उभयपक्षकी सेनाओंका भयानक युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 10: नकुलद्वारा कर्णके तीन पुत्रोंका वध तथा उभयपक्षकी सेनाओंका भयानक युद्ध  »  श्लोक 14-15h
 
 
श्लोक  9.10.14-15h 
हयांश्चास्य शरैस्तीक्ष्णै: प्रेषयामास मृत्यवे॥ १४॥
तथा ध्वजं सारथिं च त्रिभिस्त्रिभिरपातयत्।
 
 
अनुवाद
अपने तीखे बाणों से उसने नकुल के घोड़ों को मार डाला और तीन-तीन बाणों से उसके ध्वज और सारथि को काट डाला।
 
With his sharp arrows he killed Nakula's horses and with three arrows each he cut down his flag and charioteer.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)