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mahabharat 9.10.12-13h: महाराज! इसी बीच चित्रसेन ने एक तीक्ष्ण भाले से नकुल का धनुष उस स्थान से काट डाला, जहाँ से वह मुट्ठी से पकड़ा हुआ था।   |   mahabharat अध्याय 9.10: नकुलद्वारा कर्णके तीन पुत्रोंका वध तथा उभयपक्षकी सेनाओंका भयानक युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 10: नकुलद्वारा कर्णके तीन पुत्रोंका वध तथा उभयपक्षकी सेनाओंका भयानक युद्ध  »  श्लोक 12-13h
 
 
श्लोक  9.10.12-13h 
चित्रसेनस्तु भल्लेन पीतेन निशितेन च॥ १२॥
नकुलस्य महाराज मुष्टिदेशेऽच्छिनद् धनु:।
 
 
अनुवाद
महाराज! इसी बीच चित्रसेन ने एक तीक्ष्ण भाले से नकुल का धनुष उस स्थान से काट डाला, जहाँ से वह मुट्ठी से पकड़ा हुआ था।
 
Maharaj! In the meantime Chitrasena cut off Nakul's bow from the point where it was held by the fist with a sharp spear. 12 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)