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mahabharat 9.1.53-54h: भरतभूषण! तब वे सब स्त्रियाँ और सब हितैषी राजा को उत्सुक देखकर वहाँ से चले गये॥53 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 9.1: संजयके मुखसे शल्य और दुर्योधनके वधका वृत्तान्त सुनकर राजा धृतराष्ट्रका मूर्च्छित होना और सचेत होनेपर उन्हें विदुरका आश्वासन देना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 1: संजयके मुखसे शल्य और दुर्योधनके वधका वृत्तान्त सुनकर राजा धृतराष्ट्रका मूर्च्छित होना और सचेत होनेपर उन्हें विदुरका आश्वासन देना  »  श्लोक 53-54h
 
 
श्लोक  9.1.53-54h 
निश्चक्रमुस्तत: सर्वा: स्त्रियो भरतसत्तम॥ ५३॥
सुहृदश्च तथा सर्वे दृष्ट्वा राजानमातुरम्।
 
 
अनुवाद
भरतभूषण! तब वे सब स्त्रियाँ और सब हितैषी राजा को उत्सुक देखकर वहाँ से चले गये॥53 1/2॥
 
Bharatbhushan! Then all those women and all the well-wishers, seeing the king eager, went away from there. 53 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)