Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.1.43-44h: तत्पश्चात बड़ी कठिनाई से अपने पुत्र शोक से पीड़ित पृथ्वी के राजा धृतराष्ट्र के प्राण धीरे-धीरे वापस आये। | mahabharat अध्याय 9.1: संजयके मुखसे शल्य और दुर्योधनके वधका वृत्तान्त सुनकर राजा धृतराष्ट्रका मूर्च्छित होना और सचेत होनेपर उन्हें विदुरका आश्वासन देना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कृच्छ्रेण तु ततो राजा धृतराष्ट्रो महीपति:॥ ४३॥
शनैरलभत प्राणान् पुत्रव्यसनकर्शित:।
अनुवाद
तत्पश्चात बड़ी कठिनाई से अपने पुत्र शोक से पीड़ित पृथ्वी के राजा धृतराष्ट्र के प्राण धीरे-धीरे वापस आये।
After that, with great difficulty, the life of King Dhritarashtra, the king of the earth, who was suffering from the grief of his son, slowly returned to life.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥