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mahabharat 9.1.40-41h: महाराज! उनके गिरते ही प्रसिद्ध विदुर जी भी शोक के कारण दुर्बल हो गए और धड़ाम से गिर पड़े।   |   mahabharat अध्याय 9.1: संजयके मुखसे शल्य और दुर्योधनके वधका वृत्तान्त सुनकर राजा धृतराष्ट्रका मूर्च्छित होना और सचेत होनेपर उन्हें विदुरका आश्वासन देना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 1: संजयके मुखसे शल्य और दुर्योधनके वधका वृत्तान्त सुनकर राजा धृतराष्ट्रका मूर्च्छित होना और सचेत होनेपर उन्हें विदुरका आश्वासन देना  »  श्लोक 40-41h
 
 
श्लोक  9.1.40-41h 
तस्मिन् निपतिते भूमौ विदुरोऽपि महायशा:॥ ४०॥
निपपात महाराज शोकव्यसनकर्षित:।
 
 
अनुवाद
महाराज! उनके गिरते ही प्रसिद्ध विदुर जी भी शोक के कारण दुर्बल हो गए और धड़ाम से गिर पड़े।
 
Maharaj! As soon as he fell, the famous Vidur ji also became weak due to grief and fell down with a thud. 40 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)