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mahabharat 9.1.30-31: महाराज! बाघों के राजा! धृष्टद्युम्न, अपराजित वीर शिखंडी, उत्तमौजा, युधामन्यु, प्रभद्रक, पांचाल और चेदिदेश योद्धा भी मारे गये। 30-31॥   |   mahabharat अध्याय 9.1: संजयके मुखसे शल्य और दुर्योधनके वधका वृत्तान्त सुनकर राजा धृतराष्ट्रका मूर्च्छित होना और सचेत होनेपर उन्हें विदुरका आश्वासन देना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 1: संजयके मुखसे शल्य और दुर्योधनके वधका वृत्तान्त सुनकर राजा धृतराष्ट्रका मूर्च्छित होना और सचेत होनेपर उन्हें विदुरका आश्वासन देना  »  श्लोक 30-31
 
 
श्लोक  9.1.30-31 
धृष्टद्युम्नो महाराज शिखण्डी चापराजित:॥ ३०॥
उत्तमौजा युधामन्युस्तथा राजन् प्रभद्रका:।
पञ्चालाश्च नरव्याघ्र चेदयश्च निषूदिता:॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
महाराज! बाघों के राजा! धृष्टद्युम्न, अपराजित वीर शिखंडी, उत्तमौजा, युधामन्यु, प्रभद्रक, पांचाल और चेदिदेश योद्धा भी मारे गये। 30-31॥
 
Maharaj! King of tigers! Dhrishtadyumna, the undefeated brave Shikhandi, Uttamauja, Yudhamanyu, Prabhadrakas, Panchala and Chedidesh warriors were also killed. 30-31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)