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mahabharat 9.1.2: पाण्डवों का बल बढ़ता देखकर कुरुराज दुर्योधन ने उनके साथ समयानुकूल कौन-सा कार्य करने का निश्चय किया?॥ 2॥   |   mahabharat अध्याय 9.1: संजयके मुखसे शल्य और दुर्योधनके वधका वृत्तान्त सुनकर राजा धृतराष्ट्रका मूर्च्छित होना और सचेत होनेपर उन्हें विदुरका आश्वासन देना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 1: संजयके मुखसे शल्य और दुर्योधनके वधका वृत्तान्त सुनकर राजा धृतराष्ट्रका मूर्च्छित होना और सचेत होनेपर उन्हें विदुरका आश्वासन देना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  9.1.2 
उदीर्यमाणं च बलं दृष्ट्वा राजा सुयोधन:।
पाण्डवै: प्राप्तकालं च किं प्रापद्यत कौरव:॥ २॥
 
 
अनुवाद
पाण्डवों का बल बढ़ता देखकर कुरुराज दुर्योधन ने उनके साथ समयानुकूल कौन-सा कार्य करने का निश्चय किया?॥ 2॥
 
Seeing the Pandavas' strength increasing, what timely action did the Kuru king Duryodhana decide to take with them?॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)