Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.1.16: और रोते और दुःखी होते हुए बोले - 'हे व्याघ्रराज! हे राजन! बड़े दुःख की बात है! महान् बुद्धिहीन कुरुराज के निधन से हम लोग सर्वथा नष्ट हो गए!'   |   mahabharat अध्याय 9.1: संजयके मुखसे शल्य और दुर्योधनके वधका वृत्तान्त सुनकर राजा धृतराष्ट्रका मूर्च्छित होना और सचेत होनेपर उन्हें विदुरका आश्वासन देना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 1: संजयके मुखसे शल्य और दुर्योधनके वधका वृत्तान्त सुनकर राजा धृतराष्ट्रका मूर्च्छित होना और सचेत होनेपर उन्हें विदुरका आश्वासन देना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  9.1.16 
रुरोद च नरव्याघ्र हा राजन्निति दु:खित:।
अहो बत विनष्टा: स्म निधनेन महात्मन:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
और रोते और दुःखी होते हुए बोले - 'हे व्याघ्रराज! हे राजन! बड़े दुःख की बात है! महान् बुद्धिहीन कुरुराज के निधन से हम लोग सर्वथा नष्ट हो गए!'
 
And while crying and feeling sad, he said – 'O King of the Tiger! Oh king! It is a matter of great sorrow! We were completely destroyed by the demise of the great mindless Kururaj! 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)