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mahabharat 9.1.13: महाराज! उस महाधनुर्धर दुर्योधन की मृत्यु के पश्चात् बचे हुए तीन महारथियों - कृपाचार्य, कृतवर्मा और अश्वत्थामा - ने क्रोधपूर्वक रात्रि में सोते हुए पांचालों और सोमकों को मार डाला।   |   mahabharat अध्याय 9.1: संजयके मुखसे शल्य और दुर्योधनके वधका वृत्तान्त सुनकर राजा धृतराष्ट्रका मूर्च्छित होना और सचेत होनेपर उन्हें विदुरका आश्वासन देना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 1: संजयके मुखसे शल्य और दुर्योधनके वधका वृत्तान्त सुनकर राजा धृतराष्ट्रका मूर्च्छित होना और सचेत होनेपर उन्हें विदुरका आश्वासन देना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  9.1.13 
तस्मिन् हते महेष्वासे हतशिष्टास्त्रयो रथा:।
संरम्भान्निशि राजेन्द्र जघ्नु: पांचालसोमकान्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
महाराज! उस महाधनुर्धर दुर्योधन की मृत्यु के पश्चात् बचे हुए तीन महारथियों - कृपाचार्य, कृतवर्मा और अश्वत्थामा - ने क्रोधपूर्वक रात्रि में सोते हुए पांचालों और सोमकों को मार डाला।
 
King! After the death of that great archer Duryodhana, the three charioteers who survived - Kripacharya, Kritavarma and Ashvatthama - angrily killed the Panchalas and the Somakas while they were sleeping in the night.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)