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mahabharat 9.1.11: तदनन्तर, अपने भाइयों के मर जाने पर राजा दुर्योधन शत्रु के भय से समरांगण से दूर जाकर उस भयानक तालाब में प्रवेश कर गया ॥11॥   |   mahabharat अध्याय 9.1: संजयके मुखसे शल्य और दुर्योधनके वधका वृत्तान्त सुनकर राजा धृतराष्ट्रका मूर्च्छित होना और सचेत होनेपर उन्हें विदुरका आश्वासन देना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 1: संजयके मुखसे शल्य और दुर्योधनके वधका वृत्तान्त सुनकर राजा धृतराष्ट्रका मूर्च्छित होना और सचेत होनेपर उन्हें विदुरका आश्वासन देना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  9.1.11 
ततो दुर्योधनो राजा हतबन्धू रणाजिरात्।
अपसृत्य ह्रदं घोरं विवेश रिपुजाद् भयात्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर, अपने भाइयों के मर जाने पर राजा दुर्योधन शत्रु के भय से समरांगण से दूर जाकर उस भयानक तालाब में प्रवेश कर गया ॥11॥
 
Subsequently, after the death of his brothers, King Duryodhan went away from Samarangana and entered the terrible pond due to fear of the enemy. 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)