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mahabharat 8.96.47: अर्जुन के बाणों से कर्ण और उसके पुत्र को मारा गया देखकर राजा युधिष्ठिर को ऐसा लगा मानो उनका पुनर्जन्म हो गया हो ॥47॥   |   mahabharat अध्याय 8.96: युधिष्ठिरका रणभूमिमें कर्णको मारा गया देखकर प्रसन्न हो श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करना, धृतराष्ट्रका शोकमग्न होना तथा कर्णपर्वके श्रवणकी महिमा   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 96: युधिष्ठिरका रणभूमिमें कर्णको मारा गया देखकर प्रसन्न हो श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करना, धृतराष्ट्रका शोकमग्न होना तथा कर्णपर्वके श्रवणकी महिमा  »  श्लोक 47
 
 
श्लोक  8.96.47 
दृष्ट्वा च निहतं कर्णं सपुत्रं पार्थसायकै:।
पुनर्जातमिवात्मानं मेने च स महीपति:॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन के बाणों से कर्ण और उसके पुत्र को मारा गया देखकर राजा युधिष्ठिर को ऐसा लगा मानो उनका पुनर्जन्म हो गया हो ॥47॥
 
Seeing Karna and his son killed by Arjuna's arrows, King Yudhishthir felt as if he had been born again. 47॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)