Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.96.44: गोविन्द! तुम बड़े भाग्य से विजयी हुए हो। सौभाग्य से आज हमारा शत्रु कर्ण मारा गया है और सौभाग्य से ही गाण्डीवधारी पाण्डवपुत्र अर्जुन विजयी हुआ है।'   |   mahabharat अध्याय 8.96: युधिष्ठिरका रणभूमिमें कर्णको मारा गया देखकर प्रसन्न हो श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करना, धृतराष्ट्रका शोकमग्न होना तथा कर्णपर्वके श्रवणकी महिमा   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 96: युधिष्ठिरका रणभूमिमें कर्णको मारा गया देखकर प्रसन्न हो श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करना, धृतराष्ट्रका शोकमग्न होना तथा कर्णपर्वके श्रवणकी महिमा  »  श्लोक 44
 
 
श्लोक  8.96.44 
दिष्ट्या जयसि गोविन्द दिष्ट्या शत्रुर्निपातित:।
दिष्ट्या गाण्डीवधन्वा च विजयी पाण्डुनन्दन:॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
गोविन्द! तुम बड़े भाग्य से विजयी हुए हो। सौभाग्य से आज हमारा शत्रु कर्ण मारा गया है और सौभाग्य से ही गाण्डीवधारी पाण्डवपुत्र अर्जुन विजयी हुआ है।'
 
‘Govind! You have won by great fortune. By good fortune our enemy Karna has been killed today and by good fortune Pandava's son Arjuna, wielding the Gandiva, has been victorious.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)