Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.96.39-40: उसका कवच छिन्न-भिन्न हो गया और उसका सम्पूर्ण शरीर बाणों से बिंध गया। कर्ण को अपने पुत्र सहित उस अवस्था में मरा हुआ देखकर और बार-बार उसका निरीक्षण करके राजा युधिष्ठिर को इस बात पर पूर्ण विश्वास हो गया। तब वे सिंहपुरुष श्रीकृष्ण और अर्जुन दोनों की बहुत प्रशंसा करने लगे। 39-40॥ | mahabharat अध्याय 8.96: युधिष्ठिरका रणभूमिमें कर्णको मारा गया देखकर प्रसन्न हो श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करना, धृतराष्ट्रका शोकमग्न होना तथा कर्णपर्वके श्रवणकी महिमा । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसका कवच छिन्न-भिन्न हो गया और उसका सम्पूर्ण शरीर बाणों से बिंध गया। कर्ण को अपने पुत्र सहित उस अवस्था में मरा हुआ देखकर और बार-बार उसका निरीक्षण करके राजा युधिष्ठिर को इस बात पर पूर्ण विश्वास हो गया। तब वे सिंहपुरुष श्रीकृष्ण और अर्जुन दोनों की बहुत प्रशंसा करने लगे। 39-40॥
His armor was shattered and his entire body was pierced by arrows. Seeing Karna dead along with his son in that state and inspecting him again and again, King Yudhishthira fully believed in this. Then those male lions started praising both Shri Krishna and Arjun a lot. 39-40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥