Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.96.37: जैसे कदम्ब का पुष्प चारों ओर से केसर से भरा होता है, उसी प्रकार कर्ण का शरीर सैकड़ों बाणों से भरा हुआ था। धर्मराज युधिष्ठिर ने उसे इस अवस्था में देखा। | mahabharat अध्याय 8.96: युधिष्ठिरका रणभूमिमें कर्णको मारा गया देखकर प्रसन्न हो श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करना, धृतराष्ट्रका शोकमग्न होना तथा कर्णपर्वके श्रवणकी महिमा । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे कदम्ब का पुष्प चारों ओर से केसर से भरा होता है, उसी प्रकार कर्ण का शरीर सैकड़ों बाणों से भरा हुआ था। धर्मराज युधिष्ठिर ने उसे इस अवस्था में देखा।
Just as the Kadamba flower is filled with saffron from all sides, similarly Karna's body was filled with hundreds of arrows. Dharmaraja Yudhishthira saw him in this condition.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥