Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.96.30: हे भगवान् कृष्ण! आपकी कृपा से ही पाण्डुपुत्र धनंजय सदैव आगे रहकर युद्ध में शत्रुओं पर विजय प्राप्त करते हैं और युद्ध से कभी मुँह नहीं मोड़ते॥30॥ | mahabharat अध्याय 8.96: युधिष्ठिरका रणभूमिमें कर्णको मारा गया देखकर प्रसन्न हो श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करना, धृतराष्ट्रका शोकमग्न होना तथा कर्णपर्वके श्रवणकी महिमा । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तव कृष्ण प्रसादेन पाण्डवोऽयं धनंजय:।
जिगायाभिमुख: शत्रून् न चासीद् विमुख: क्वचित्॥ ३०॥
अनुवाद
हे भगवान् कृष्ण! आपकी कृपा से ही पाण्डुपुत्र धनंजय सदैव आगे रहकर युद्ध में शत्रुओं पर विजय प्राप्त करते हैं और युद्ध से कभी मुँह नहीं मोड़ते॥30॥
Lord Krishna! It is because of your blessings that Dhananjaya, the son of Pandu, has always been at the forefront and has been victorious over his enemies in battles and has never turned his back on battle.॥ 30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥