Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.96.24: संजय कहते हैं- राजन! महात्मा श्रीकृष्ण के ये वचन सुनकर धर्मपुत्र युधिष्ठिर का हृदय प्रसन्न हो गया। वे भगवान श्रीकृष्ण से वार्तालाप करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 8.96: युधिष्ठिरका रणभूमिमें कर्णको मारा गया देखकर प्रसन्न हो श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करना, धृतराष्ट्रका शोकमग्न होना तथा कर्णपर्वके श्रवणकी महिमा   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 96: युधिष्ठिरका रणभूमिमें कर्णको मारा गया देखकर प्रसन्न हो श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करना, धृतराष्ट्रका शोकमग्न होना तथा कर्णपर्वके श्रवणकी महिमा  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  8.96.24 
संजय उवाच
इति श्रुत्वा वचस्तस्य केशवस्य महात्मन:।
धर्मपुत्र: प्रहृष्टात्मा दाशार्हं वाक्यमब्रवीत्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं- राजन! महात्मा श्रीकृष्ण के ये वचन सुनकर धर्मपुत्र युधिष्ठिर का हृदय प्रसन्न हो गया। वे भगवान श्रीकृष्ण से वार्तालाप करने लगे।
 
Sanjay says- Rajan! Hearing these words of Mahatma Shri Krishna, the heart of Dharma's son Yudhishthira became happy. He started a conversation with Lord Krishna. 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)