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mahabharat 8.96.17: भगवान श्रीकृष्ण हाथ जोड़कर तथा हल्की-सी मुस्कान के साथ शत्रुओं के मारे हुए राजा युधिष्ठिर से इस प्रकार बोले -॥17॥   |   mahabharat अध्याय 8.96: युधिष्ठिरका रणभूमिमें कर्णको मारा गया देखकर प्रसन्न हो श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करना, धृतराष्ट्रका शोकमग्न होना तथा कर्णपर्वके श्रवणकी महिमा   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 96: युधिष्ठिरका रणभूमिमें कर्णको मारा गया देखकर प्रसन्न हो श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करना, धृतराष्ट्रका शोकमग्न होना तथा कर्णपर्वके श्रवणकी महिमा  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  8.96.17 
ईषदुत्स्मयमानस्तु कृष्णो राजानमब्रवीत्।
युधिष्ठिरं हतामित्रं कृताञ्जलिरथाच्युत:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
भगवान श्रीकृष्ण हाथ जोड़कर तथा हल्की-सी मुस्कान के साथ शत्रुओं के मारे हुए राजा युधिष्ठिर से इस प्रकार बोले -॥17॥
 
Lord Krishna, with folded hands and a slight smile spoke to King Yudhishthira, whose enemy had been killed, in this manner -॥ 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)