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mahabharat 8.95.3: तब आपके सभी योद्धा, जो अत्यन्त दुःखी और चिन्तित थे, सब ओर से मना किए जाने पर युद्ध करना छोड़कर वापस लौटने लगे॥3॥   |   mahabharat अध्याय 8.95: कौरव-सेनाका शिबिरकी ओर पलायन और शिबिरोंमें प्रवेश   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 95: कौरव-सेनाका शिबिरकी ओर पलायन और शिबिरोंमें प्रवेश  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  8.95.3 
ततोऽवहारं चक्रुस्ते योधा: सर्वे समन्तत:।
निवार्यमाणाश्चोद्विग्नास्तावका भृशदु:खिता:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
तब आपके सभी योद्धा, जो अत्यन्त दुःखी और चिन्तित थे, सब ओर से मना किए जाने पर युद्ध करना छोड़कर वापस लौटने लगे॥3॥
 
Then all your warriors, who were very sad and worried, after being forbidden, stopped fighting from all sides and started returning back. ॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)