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mahabharat 8.95.17: आपके पुत्र राजा दुर्योधन ने दुःख और शोक में डूबकर बड़े प्रयत्न से उन सबको एकत्रित किया और शिविर में विश्राम करने का निश्चय किया।   |   mahabharat अध्याय 8.95: कौरव-सेनाका शिबिरकी ओर पलायन और शिबिरोंमें प्रवेश   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 95: कौरव-सेनाका शिबिरकी ओर पलायन और शिबिरोंमें प्रवेश  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  8.95.17 
तान् समानीय पुत्रस्ते यत्नेन महता विभु:।
निवेशाय मनो दध्रे दु:खशोकसमन्वित:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
आपके पुत्र राजा दुर्योधन ने दुःख और शोक में डूबकर बड़े प्रयत्न से उन सबको एकत्रित किया और शिविर में विश्राम करने का निश्चय किया।
 
Your son, King Duryodhana, being drowned in sorrow and grief, with great effort brought them all together and decided to take rest in the camp.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)