Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.94.33: राधा पुत्र कर्ण का कवच बाणों से कट गया था, उसके सारे वस्त्र रक्त से लथपथ थे, वह प्राण भी गँवा चुका था, फिर भी उसका सौन्दर्य नष्ट नहीं हुआ था। | mahabharat अध्याय 8.94: शल्यके द्वारा रणभूमिका दिग्दर्शन, कौरव-सेनाका पलायन और श्रीकृष्ण तथा अर्जुनका शिविरकी ओर गमन । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राधा पुत्र कर्ण का कवच बाणों से कट गया था, उसके सारे वस्त्र रक्त से लथपथ थे, वह प्राण भी गँवा चुका था, फिर भी उसका सौन्दर्य नष्ट नहीं हुआ था।
Radha's son Karna's armour was cut by arrows. All his clothes were soaked in blood and he had even lost his life, but still his beauty did not leave him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥