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mahabharat 8.94.23: हे दूसरों को सम्मान देने वाले राजा दुर्योधन, अब लौट जाओ। इन सैनिकों को भी जाने दो। शिविर में आओ। हे प्रभु! ये सूर्यदेव भी क्षितिज पर लटके हुए हैं। हे प्रभु! इस नरसंहार का मुख्य कारण आप ही हैं।   |   mahabharat अध्याय 8.94: शल्यके द्वारा रणभूमिका दिग्दर्शन, कौरव-सेनाका पलायन और श्रीकृष्ण तथा अर्जुनका शिविरकी ओर गमन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  8.94.23 
निवर्त दुर्योधन यान्तु सैनिका
व्रजस्व राजन् शिबिराय मानद।
दिवाकरोऽप्येष विलम्बते प्रभो
पुनस्त्वमेवात्र नरेन्द्र कारणम्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
हे दूसरों को सम्मान देने वाले राजा दुर्योधन, अब लौट जाओ। इन सैनिकों को भी जाने दो। शिविर में आओ। हे प्रभु! ये सूर्यदेव भी क्षितिज पर लटके हुए हैं। हे प्रभु! इस नरसंहार का मुख्य कारण आप ही हैं।
 
O King Duryodhan who gives respect to others, now return. Let these soldiers also go. Come to the camp. O Lord! This Sun God is also hanging in the horizon. O Lord! You are the main reason for this massacre.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)