Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.94.16: जब राजाओं के सजे हुए रथ, जिनके स्वामी (रथियों) मारे गए हैं, वे शीघ्रगामी घोड़ों द्वारा खींचे जा रहे हैं और मनुष्यों, हाथियों, साधारण रथों और घोड़ों के समूह भी भाग रहे हैं, तब वेग से दौड़ने वाले बहुत से मनुष्य उनके द्वारा कुचलकर टुकड़े-टुकड़े हो गए हैं॥16॥ | mahabharat अध्याय 8.94: शल्यके द्वारा रणभूमिका दिग्दर्शन, कौरव-सेनाका पलायन और श्रीकृष्ण तथा अर्जुनका शिविरकी ओर गमन । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब राजाओं के सजे हुए रथ, जिनके स्वामी (रथियों) मारे गए हैं, वे शीघ्रगामी घोड़ों द्वारा खींचे जा रहे हैं और मनुष्यों, हाथियों, साधारण रथों और घोड़ों के समूह भी भाग रहे हैं, तब वेग से दौड़ने वाले बहुत से मनुष्य उनके द्वारा कुचलकर टुकड़े-टुकड़े हो गए हैं॥16॥
When the decorated chariots of kings, whose masters (chariots) have been killed, are being drawn by swift horses and hordes of men, elephants, ordinary chariots and horses are also fleeing, then many of the people running quickly have been crushed to pieces by them.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥