श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 93: भीमसेनद्वारा पचीस हजार पैदल सैनिकोंका वध, अर्जुनद्वारा रथसेनाका विध्वंस, कौरव-सेनाका पलायन और दुर्योधनका उसे रोकनेके लिये विफल प्रयास  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  8.93.60 
संजय उवाच
एवं ब्रुवति पुत्रे ते सैनिका भृशविक्षता:।
अनवेक्ष्यैव तद्वाक्यं प्राद्रवन् सर्वतो दिश:॥ ६०॥
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा, "महाराज, आपका पुत्र इसी प्रकार उपदेश देता रहा; किन्तु बुरी तरह घायल सैनिक उसकी बातों पर ध्यान दिए बिना ही चारों ओर भाग गए।"
 
Sanjaya said, "Maharaj, your son continued to lecture in this manner; but the badly wounded soldiers fled in all directions without paying any attention to what he was saying." 60.
 
इति श्रीमहाभारते कर्णपर्वणि कौरवसैन्यपलायने त्रिनवतितमोऽध्याय:॥ ९३॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत कर्णपर्वमें कौरवसेनाका पलायनविषयक तिरानबेवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ९३॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)