Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.93.55-56h: क्षत्रिय धर्म के अनुसार युद्ध करने वाले योद्धा युद्ध में सुखपूर्वक मरते हैं। वहाँ मरने वाले को मृत्यु का दुःख नहीं होता तथा परलोक में जाकर वह शाश्वत सुख प्राप्त करता है। 55 1/2॥ | mahabharat अध्याय 8.93: भीमसेनद्वारा पचीस हजार पैदल सैनिकोंका वध, अर्जुनद्वारा रथसेनाका विध्वंस, कौरव-सेनाका पलायन और दुर्योधनका उसे रोकनेके लिये विफल प्रयास । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
क्षत्रिय धर्म के अनुसार युद्ध करने वाले योद्धा युद्ध में सुखपूर्वक मरते हैं। वहाँ मरने वाले को मृत्यु का दुःख नहीं होता तथा परलोक में जाकर वह शाश्वत सुख प्राप्त करता है। 55 1/2॥
‘According to Kshatriya Dharma, warriors who fight die happily in battle. There the dead person does not experience the sorrow of death and upon going to the next world he attains eternal happiness. 55 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥