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mahabharat 8.93.54-55h: यदि तुम अलग भाग जाओगे, तो पांडव सभी अपराधियों का पीछा करके तुम्हें मार डालेंगे। ऐसी स्थिति में हमारा युद्ध में मारा जाना ही श्रेयस्कर है।   |   mahabharat अध्याय 8.93: भीमसेनद्वारा पचीस हजार पैदल सैनिकोंका वध, अर्जुनद्वारा रथसेनाका विध्वंस, कौरव-सेनाका पलायन और दुर्योधनका उसे रोकनेके लिये विफल प्रयास   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 93: भीमसेनद्वारा पचीस हजार पैदल सैनिकोंका वध, अर्जुनद्वारा रथसेनाका विध्वंस, कौरव-सेनाका पलायन और दुर्योधनका उसे रोकनेके लिये विफल प्रयास  »  श्लोक 54-55h
 
 
श्लोक  8.93.54-55h 
विप्रयातांस्तु वो भिन्नान् पाण्डवा: कृतकिल्बिषान्॥ ५४॥
अनुसृत्य वधिष्यन्ति श्रेयान् न: समरे वध:।
 
 
अनुवाद
यदि तुम अलग भाग जाओगे, तो पांडव सभी अपराधियों का पीछा करके तुम्हें मार डालेंगे। ऐसी स्थिति में हमारा युद्ध में मारा जाना ही श्रेयस्कर है।
 
If you run away separately, the Pandavas will chase all the criminals and kill you. In such a situation, it is better for us to be killed in the war.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)